खूबसरत पड़ोस वाली भाभी की चुदाई 2

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खूबसरत पड़ोस वाली भाभी की चुदाई 2

Sex Story Devar Bhabhi, Latest 2020 Sex Kahani Devar and Bhabhi
जैसा कि आपने पिछली कहानी में पड़ा कि कैसे में भाभी के घर गया और उसे नंगा देखा और उसने कैसे मेरा लंड पकड़ कर मुझे झरने से रोक लिया अब आगे भाभी ने कहा मैने लंबे समय से तुम्हारा इंतजार किया सही मौके का मैने कहा भाभी में आप की बात समझा नहीं आप क्या कहना चाहती है

भाभी ने कहा ओह मेरे हर्ष तुम तो बड़े भोले बन रहे हो जैसे कि तुम मुझे रोज घुर कर नहीं देखते दोस्तो आदमी कितने भी तरीके से औरत को देखे मगर उनकी नजरें बहुत तेज होती है जो हम जैसे शातिर खिलाड़ियों को भी पकड़ लेती है। भाभी ने कहा जो तुम ने अभी देखा वो गलती से नहीं देखा ऐसा में चाहती थी। की तुम मुझे नंगी देखो और हिम्मत कर के मेरी चुदाई करो फिर भाभी ने मेरा माल चूसकर ख़तम कर दिया और कहा आज देखते है कि तुम में कितना दम है .

यह कहकर भाभी उठी और मेरे होठों को चूमने लगी भाभी ओह जानू में तुम्हारा कितने दिनों से इंतजार कर रही थी तुम्हारी सारी इच्छाएं आज मेरे साथ पूरी कर लो भाभी ने कहा आज में अपना सबकुछ आप को दे रही हूं। मैने कहा भाभी में बहुत खुशनसीब हूं जो तुम जैसी हसीन कि चुदाई करूगा उसने खींच कर मेरे शर्ट के बदन तोड़ दिए में अपने आप को बहुत नसीब वाला मान रहा था कि जिस औरत को मेरे कालोनी वाले पाना चाहते थे

वो आज मेरे लंड के नीचे होगी। उसने मुझे बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर धकेल दिया और मेरी शर्ट खोलने लगी मैने उसकी चूचियां पकड़ने कि कोशिश की लेकिन उसने मेरे हाथ को वहा से हठा दिया और मुझे सबर करने को कहा उसने हाथ नीचे ले जा कार मेरी पेंट और साथ ही मेरी चडी को भी उतार दिया तो देखा मेरे लन्ड पर बहुत बाल थे

जो मैने एक महीने से काटे नहीं थे उसने देखा और कहा मुझे ऐसे ही लड़के पसंद जिनके लंड के आस पास बहुत बाल हो। मेरा 8इंच का लंड थीरे से अपनी ओकात में आरहा था। मैने फिर से उसके बूब्स पकड़ने कि कोशिश की तो मगर उसने अभी भी मुझे थोड़ा इंतजार करने को कहा और कमरे से बहार चली गई में कंफ्यूज हो रहा था जब वह वापिस आई कमरे में तो उसके हाथ में एक बेग था। वह क्या चाहती थी में अभी तक समझ नहीं पा रहा था।

उसने बेग में से एक रस्सी निकाली और मेरे दोनों हाथों को बेड के किनारे बांध दिया में इस बात से हैरान था हालांकि मैने बहुत सो की चुद फार्डी है मगर ये एहसास मेरे लिए नया था उसने बेग मेसे एक चीज निकाली शायद वह कपन करने वाला लंड था मैने कहा ये सब आप उपयोग करती है उसने कहा हा मेरे पति बिस्तर पर इतने अच्छे नहीं है तो क्या करू  इनका उपयोग आप पर करते है आप मुझे निराश नहीं करेगे मैने कहा क्या में नहीं मुझ पर ट्राय मत करो नेहा

आई रिक्वेस्ट यू नेहा ने कहा ट्राय तो करो मेरी अब फटने लगी थी मगर नेहा को थोड़ी देर में हसी आई और कहा में तो मजाक कर रही थी और कहा अब मालूम पड़ा जब तुम हमारी गांड के अंदर लंड डालते हो तो हमे केसा दर्द होता है अभी तो मैने सिर्फ डराया था यदि सही में तुम्हारी गांड मारती तो तुम्हारा क्या हाल होता मैने कहा तुम सच कह रही हो मगर औरत की गांड का जो मजा है

उस एहसास को हम मर्द लोग को उसने ही मजा आता है शुरू में तो दर्द होता है मगर फिर साथ में तुमको भी तो मजा आता है नेहा मेरी बात पर फिर हसी और मेरे लंड के ऊपर बैठ कर मुझे चूमना शुरू कर दिया वह मेरे होठों को मेरे चेहरे पर मेरी बगल मेरी छाती मेरे पेट और मेरे पाव उसने हर जगह मुझे चूमा और चाटा मगर मेरे लंड को टच भी नहीं किया मैने कहा नेहा मेरे लंड को भी तो चूसो मगर उसने इनकार कर दिया और कहा जब तक तुम भीख नहीं मांगते तब तक वहा टच तो क्या चुसुगी भी नहीं।

तो मैने उससे भीख मागी मेरे लंड को चूसने के लिए उसने चट्टी नीचे कर उसने थोड़ा चूमा और अपने हाथ से मेरे लंड को हिलाया फिर उसने मेरी गेदो को चाटा अपनी जीभ से मेरे लंड के के चारो और फेरी मेरे लंड ने एक ठुमका उसके मुंह पर मारा तो उसने कहा तुम्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी में सोच में पड़ गया अब क्या करने वाली है।और अपने हाथ से मेरे निपल को जोर से दबाया मुझे बहुत दर्द हुआ मगर उस समय में काम वासना के असर में था। फिर वो अपने तन को मेरे तन से रगड़ने लगी और मुझे परेशान करने लगी इन सब में मेरा लंड बिना चुद के दर्द कर रहा था।

नेहा ने कहा केसा लगा मेरा फोरप्ले अब असली शो का टाइम आ चुका है फिर उसने बेग में से कुछ चिकनाई जैसी एक क्रीम निकाली और अपने हाथ में लेकर मेरे पूरे शरीर की मालिश करने लगी मालिश करते हुए उसके बॉब्स मेरे आंखो के सामने हिल रहे थे मगर में कुछ कर नहीं सकता था फिर उसने हाथ में पानी लेकर मुझे साफ किया और मेरा एक हाथ खोल दिया अब मुझे थोड़ा बेहतर फिल हो रहा था। लेकिन में उसकी फैंटेसी को रोकना नहीं चाहता था

इसलिए अपनी काम वासना पर काबू करने की कोशिश कर रहा था और बेग में से एक हंटर निकाला और मेरे पाव और मुझे घुमा कर हंदर मारने लगी उस समय तो मुझे ऐसा लगा जैसे उसमे कोई शैतानी आत्मा आगईं हो मगर वो रुकी नहीं टोटल उसने 10हंटर मुझे मारे और साथ ही एक और रस्सी से मेरे दोनों पाव बांध दिया वो फिर से कमरे के बहार गई और थोड़ी देर में कुछ हाथ में लेकर आई

मैने पूछा तो कहा तुम आज का ये सेक्स हमेशा याद रखोगे और जहा उसने हंटर मारा था वहा लाल मिर्च और नमक लगाया मुझे ऐसा दर्द हुआ की मेरी आंखो में से आशु आगए मुझे ऐसा लगा जैसे में कोई मुजरिम हूं और वो कोई जेलर जो मुझे टॉर्चर कर रही हो मैने दर्द में ही उससे कहा नेहा अब तो तुम्हारी फैंटेसी पूरी हो गई अब तो मुझे खोल दो मगर फिर वो वापिस हसी और कहा अभी तो शुरुआत हुई है अभी तो तुम्हारे साथ बहुत कुछ ट्राय करना है मुझे लगा

आज तो सेक्स की जगह भूतनी मेरे पीछे पड़ गई है जो आज तो मुझे मार के ही दम लेगी मुझे अपनी गलती पर पछता भी रहा था कि कहा में इसकी चुद के पीछे पड़ा। मगर उसने थोड़ी देर में बर्फ के टुकड़े से मेरे घाव पर मालिश करने लगी जिससे मुझे कुछ राहत मिली मगर ये आराम थोड़ी देर के लिए ही था अभी तो बहुत कुछ बाकी है इस कहानी के नेक्स्ट पार्ट का इंतजार कीजिए मेरे दोस्तो ये कहानी में आप को इंटरेस्ट तो आया न और ये कहानी का भाग केसा लगा मुझे बताए .

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